वायुयान हवा से भारी मशीन होती है, इसके बावजूद वह हवा में टिका रहता है। जब एक हवाई जहाज उड़ रहा होता है, तो उसे एक ही समय में ऊपर-नीचे, आगे-पीछे, चारो ओर खींचा जा रहा होता है। वास्तव में उड़ान के दौरान वायुयान पर चार बल - भार, उत्थापक बल, प्रणोद और खिंचाव काम करते है। भार वह गुरुत्वबल है, जो जहाज को नीचे की ओर खींचता है। उत्थापक बल जहाज को ऊपर की ओर ले जाता है। खिंचाव बल जहाज को पीछे खींचता है तथा प्रणोद बल उसे आगे धकेलता है।
हवाई जहाज दो महत्वपूर्ण कारणों से बराबर उड़ता रहता है- पहला, इंजिन द्वारा पैदा किया गया प्रणोद बल खिंचाव बल के बराबर होता है। दूसरा कारण है, पंखों द्वारा पैदा किया गया उत्थापक बल भार बल के बराबर होता है। हवाई जहाज के पंख हवा के दबाव की मदद से जहाज को ऊपर आकाश में उठा देते है। एयलेरोन पंखों पर लगी पंखुड़िया होती है, जो मुड़ते हुए जहाज को संतुलित करती है। पृष्ठभाग वायुयान को स्थिरता प्रदान करता है, जबकि यान में लगा स्टेबिलाइजर यान को नीचे जाने से रोकता है। इस तरह विभिन्न बलों की सुचारू कार्यप्रणाली के कारण वायुयान हवा में टिका रहता है।
कुछ खास मानसिक रोगों का उपचार करने के लिए बिजली के झटके देकर मरीज का इलाज किया जाता है। इस पद्धति को एलेक्ट्रोशॉक थेरेपी कहते है। मानसिक रोग का इलाज करने के लिए पहली बार 1938 मे...
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